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antarvasna sex stories

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antarvasna sex stories बहन ने भाई को सिड्यूस किया और की जी भरकर सेक्स

 नियति की सच्ची कहानी जहां वो अपने भाई को सिड्यूस करके सेक्स की तमन्ना पूरी करती है। घर में अकेले रहकर दोनों की कामुक रातें, किसिंग, ओरल सेक्स और इंटेंस इंटिमेसी की डिटेल्स। हिंदी में रोमांचक इंसेस्ट स्टोरी जो प्यास बुझाती है।


हाय, मैं नियति हूँ। आज मैं तुम सबके साथ अपनी सच्ची कहानी शेयर करने जा रही हूँ। सबसे पहले अपनी फैमिली के बारे में बताती हूँ। हम चार लोग हैं—मॉम, डैड, मेरा बड़ा भाई और मैं। डैड बाहर जॉब करते हैं और हर सैटरडे को घर आते हैं। मॉम हाउसवाइफ हैं। मैं बीए सेकंड ईयर में हूँ और भाई भी जॉब करता है। हमारी फैमिली में लड़कियों को बॉयफ्रेंड या आज़ादी नहीं मिलती, और वैसे भी ये गलत है। अब सीधी स्टोरी पर आती हूँ…


मेरा फिगर 34-28-36 है, रंग गोरा और हाइट 5’2″। मेरी ज्यादा फ्रेंड्स नहीं हैं, सो मैं पूरा दिन घर पर ही रहती हूँ। स्टडी भी प्राइवेट कर रही हूँ क्योंकि घरवाले कॉलेज अलाउड नहीं करते। इस वजह से मेरी सेक्स की तमन्ना दिल में ही दबी रह गई थी। लेकिन एक दिन मैं अपनी एक फ्रेंड से घुमा-फिराकर बात कर रही थी, तो उसने अपनी स्टोरी बताई कि उसका भाई ही उसका बॉयफ्रेंड है और वो उसके साथ जी भरकर सेक्स करती है। मैं हैरान रह गई और पूछा कि ऐसा कैसे हो सकता है? उसने कहा कि घरवाले हमें कॉलेज या बाहर नहीं जाने देते क्योंकि डरते हैं कि लड़की कुछ गलत न कर ले, सो मैंने अपने भाई को सिड्यूस किया और उसके साथ ही सेक्स करती हूँ। मैंने भी उसे अपने दिल की बात बता दी कि मैं भी सेक्स करना चाहती हूँ। तो उसने कहा कि तू भी अपने भाई को पटा ले, इस तरह घर की बात घर में ही रहेगी और तेरी तमन्ना भी पूरी हो जाएगी।


फिर उसने बताया कि भाई को कैसे पटाया जाए। मैं बताना भूल गई कि मेरा भाई बहुत इंटेलिजेंट है, कलर थोड़ा सांवला लेकिन वो बहुत गुड लुकिंग है। मुझे पता है कि उस पर काफी लड़कियाँ फिदा हैं, हमारे एरिया की भी 2-3, लेकिन वो किसी को पलटकर भी नहीं देखता। वैसे उसकी 2-3 गर्लफ्रेंड्स रह चुकी हैं और मैं श्योर हूँ कि उसने उनके साथ सेक्स भी किया होगा।


अब मैं अपनी स्टोरी बताती हूँ। मैं परेशान थी कि भैया को कैसे मनाऊँ, लेकिन मेरी फ्रेंड के प्लान से मैंने ट्राई करने का सोचा। मैं घर पर डीप नेक वाले सूट पहनने लगी और जानबूझकर भैया के सामने झुककर अपने बूब्स दिखाती। वो भी चुपके-चुपके मेरे बूब्स पर नजर डालते। वैसे तो हम दोनों बहुत मस्ती करते हैं और वो मेरा बहुत ख्याल रखता है।


एक हफ्ते तक मैं ऐसे ही बूब्स शो करती रही और लग रहा था कि वो मेरी तरफ खिंच रहे हैं। लेकिन असल में भैया ने ही पहल की। अब वो कभी-कभी मेरी कमर पकड़ लेते, मजाक में कमर में उंगली मारते, पीछे से आकर मेरे कंधों पर पकड़ लेते। जब वो मुझे छूते तो मेरे शरीर में एक लहर सी दौड़ जाती, दिल करता कि अभी पलटकर जोर से हग कर लूँ, लेकिन मैं नहीं कर सकती थी। मुझे लगने लगा कि शायद भैया भी मुझे वैसी नजरों से देखने लगे हैं, और वो खुद ही मुझे सिड्यूस करने की कोशिश कर रहे हैं।


फिर वो पल आ ही गया। हम रात को सो रहे थे। मेरी और भैया की खाट साथ-साथ थी, लास्ट में मॉम। अचानक मेरी नींद खुली और नजर भैया पर गई। मैं उन्हें देख रही थी, तभी देखा कि उनका लंड पूरा खड़ा है और लोअर को ऊपर उठा रहा है। मैं तो मचल गई, उसे छूना चाहती थी। मैं अपनी खाट के बिलकुल किनारे पर आ गई भैया की तरफ। लेकिन मेरा हाथ वहाँ तक नहीं पहुँच रहा था। तभी भैया ने करवट ली और नींद में ही थोड़ा मेरी तरफ आ गए। उनकी उँगलियाँ मेरे पेट से टच होने लगीं। मेरी तो हालत खराब होने लगी। उनकी उँगलियाँ थोड़ी-थोड़ी हिल रही थीं और मेरे पेट पर गुदगुदी कर रही थीं। मेरे पूरे शरीर में मस्ती आने लगी।


मैं चाहती थी कि उनका हाथ मेरे बूब्स को टच करे, लेकिन भैया ने खुद ही पहल की। वो नींद में ही अपना हाथ धीरे-धीरे ऊपर ले आए और मेरे एक बूब पर रख दिया। मुझे डर भी लग रहा था कि कहीं जाग न जाएँ, लेकिन वो धीरे-धीरे मेरे बूब को प्रेस करने लगे। अब मैं समझ गई कि भैया जाग रहे हैं और वो खुद ही ये सब कर रहे हैं, जैसे मुझे सिड्यूस कर रहे हों। पहले तो मैं डर के रुक गई, लेकिन भैया मेरे बूब्स सहला रहे थे। फिर मैंने भी डरना छोड़ दिया और उनके हाथ पर हाथ रख दिया, मचलने लगी। अब मेरी हिम्मत बढ़ गई। फिर भैया ने अपना हाथ नीचे मेरे पेट पर ले गए और हथेली फेरने लगे। मुझे बहुत मजा आ रहा था। फिर मैंने अपना शर्ट थोड़ा ऊपर किया और उनका हाथ शर्ट के अंदर कर लिया। क्या एहसास था वो जब उनका हाथ मेरे नंगे पेट पर टच हुआ! मेरी जान निकल रही थी और बहुत अच्छा लग रहा था। उस दिन मैंने ब्रा और पैंटी नहीं पहनी थी। मैंने उन्हें ऊपर करने का सिग्नल दिया और वो अपना हाथ ऊपर ले आए।


अब उनका हाथ मेरे बूब्स पर था और वो जोश से प्रेस कर रहे थे। मैं उनका साथ दे रही थी, उनके हाथ के ऊपर अपना हाथ रखकर। मेरी तो सालों की तमन्ना पूरी होने जा रही थी। मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था क्योंकि मैं भैया का लंड टच करना चाहती थी और एक ज़बरदस्त हग। लेकिन भैया ने ही कहा, “मॉम जाग जाएँगी, चलो बाथरूम में।” और वो उठकर चले गए। मैं भी चुपचाप उनके पीछे गई।


बाथरूम में जाते ही मैं उनसे लिपट गई। उनके हाथ मेरी पीठ सहला रहे थे। उन्होंने मेरा चेहरा पकड़कर ऊपर किया और मेरे लिप्स पर अपने लिप्स रख दिए। ये मेरा फर्स्ट किस था, और मानो मैं जन्नत में थी। वो मेरे लिप्स चूस रहे थे जैसे कोई कुल्फी चूसता है, और मैं भी उनका पूरा साथ दे रही थी। अब वो बिना कहे मेरे बूब्स प्रेस करने लगे, मेरे बूब्स चूमने लगे और निपल्स चूसने लगे। मैंने अकेली सलवार ही पहनी हुई थी, शर्ट तो बाथरूम जाते ही उतार दी थी। अब उन्होंने मेरा मुँह दूसरी तरफ किया और पीछे से हग करके मेरे बूब्स प्रेस करने लगे, नेक पर किस करने लगे। अब वो एक हाथ से बूब प्रेस कर रहे थे और दूसरा हाथ धीरे-धीरे नीचे करने लगे। मेरे जिस्म में एक लहर सी दौड़ रही थी, मैं बहुत मचल रही थी। अब वो ऊपर से मेरी पुसी को सहलाने लगे। जैसे ही उन्होंने मेरी पुसी टच की, मेरे मुँह से “आह्ह” की आवाज निकली। उन्हें तो और जोश आ गया। वो मेरी पुसी को बड़े प्यार से सहला रहे थे और मैं मस्ती में थोड़ा ऊपर-नीचे हो रही थी।


अब मैंने अपना एक हाथ पीछे किया और उनके लंड पर रख दिया। क्या मस्त लंड था उनका! लग रहा था जैसे किसी गर्म रॉड पर हाथ रख दिया हो। जैसे ही मैंने उनके लंड पर हाथ रखा, उन्होंने मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया। सलवार एकदम नीचे गिर गई। अब मैं अपने भाई की बाहों में पूरी तरह नंगी थी। मेरी पुसी थोड़ा-थोड़ा पानी छोड़ रही थी। वो मेरी पुसी लगातार सहलाते रहे और अब उन्होंने अपनी एक उंगली मेरी पुसी में डाल दी। मुझे दर्द हुआ लेकिन मैं चुप रही। वो धीरे-धीरे उंगली अंदर-बाहर करने लगे और मेरे मुँह से “आह, ऊह, उफ्फ” की आवाजें निकल रही थीं। लेकिन मैंने जैसे-तैसे भैया से कहा कि अब बस, वरना मॉम जाग जाएँगी। तो उन्होंने मुझे दोबारा लिप्स पर किस किया और वापस चले गए। मैंने भी कपड़े पहने और सो गई।


नेक्स्ट डे मैं बहुत खुश थी और भैया से नॉर्मल बात कर रही थी। वो भी ऐसे नॉर्मल थे। फिर भैया ड्यूटी पर चले गए। मैं उस दिन का इंतजार करने लगी जब भैया मेरे साथ फुल सेक्स करेंगे। एक दिन ऐसा हुआ कि मॉम को किसी रिलेटिव के घर जाना था। मॉम ने कहा कि तू भी चल, तो मैंने कहा कि मॉम, मैं नहीं जाना चाहती। 2-3 दिन की बात है और बस में सफर करने में घबराहट होती है। सो मॉम अकेली चली गईं। उस दिन मैं और भैया घर पर अकेले थे। हमने रात का खाना खाया और एक-दूसरे को ऐसे देख रहे थे जैसे अपने लवर को देख रहे हों। मैं मन ही मन बहुत खुश थी क्योंकि लग रहा था कि आज मेरी सालों की तमन्ना पूरी होगी। हम रात को सोने की तैयारी करने लगे। मैंने आज जानबूझकर ब्रा और पैंटी नहीं पहनी थी और एक टी-शर्ट और सलवार पहनी थी, भैया का शैतान जगाने के लिए।


मेरे बूब्स बिना ब्रा के आजाद पंछी की तरह हिल रहे थे। सोने के लिए मैंने नीचे बिस्तर लगाया। मैंने भैया से कहा कि आज मेरा नीचे सोने का मन है। तो भैया ने कहा कि कोई बात नहीं, मैं भी नीचे ही सो जाऊँगा। जैसे ही मैंने लाइट्स ऑफ की, भैया मेरे पास आकर लेट गए। आज भैया ने ऊपर शर्ट या बनियान नहीं पहनी थी। उन्होंने मुझे अपनी साइड किया और मुझसे लिपट गए। मैं एकदम मचल उठी और उन्हें टाइट से पकड़ लिया। वो मुझे पागलों की तरह किस करने लगे और मैं भी उनका साथ देने लगी। अब वो मेरे बूब्स प्रेस कर रहे थे। मेरे मुँह से “आह, सी, ऊ, ओ, उफ्फ” की आवाजें निकल रही थीं। उन्होंने टाइम वेस्ट न करते हुए मेरी टी-शर्ट उतार दी और मेरे बूब्स चूसने लगे। मैं तो मारे मजे के मर ही जा रही थी। वो मेरी निपल्स चूस रहे थे, मेरी निपल्स पूरी तरह टाइट हो गई थीं। कुछ टाइम बूब्स चूसने के बाद उन्होंने मेरी सलवार खोल दी और उतार दी। मेरी पुसी थोड़ा-थोड़ा पानी छोड़ रही थी।


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मैंने भी शर्म न करते हुए उनके लंड को उनके पजामे के ऊपर से पकड़ लिया। मैंने देखा कि आज भैया ने भी अंडरवियर नहीं पहना है, सो लंड मुझे पूरी तरह फील हो रहा था। कम से कम 6.5 इंच का था और 2.5 इंच मोटा। मैं तो आनंद के मारे मचल रही थी और उनके लंड को सहला रही थी। वो भी मेरी पुसी सहला रहे थे। अब उन्होंने अपना पजामा उतार दिया और हम दोनों एकदम नंगे बिस्तर पर थे। वो एकदम से मेरे ऊपर आ गए और मेरे पूरे बदन को किस करने लगे। वो मेरे बूब्स से होते हुए नीचे जाने लगे और मेरी तो सिसकारियाँ बंद ही नहीं हो रही थीं। और तब तो मैं पागल हो गई जब उन्होंने अपना मुँह मेरी पुसी पर रखा। मेरे बॉडी में एक करंट सा दौड़ गया और “आह” की आवाज निकली। वो मेरी पुसी को किस करने लगे, मैं बेकाबू हो रही थी। तभी उन्होंने मेरी पुसी में अपनी जीभ डाल दी और फेरने लगे। मेरी हालत खराब होने लगी, मैं अब झड़ने वाली थी। 1-2 मिनट बाद मेरा पानी निकल गया और मैं ढीली हो गई। मैंने उनके मुँह को अपनी टाँगों में ही जकड़ लिया।


भैया ने मेरी पुसी साफ की और मेरे ऊपर आकर मेरे होंठ चूसने लगे। फिर मैंने उनके लंड को पकड़ा और सहलाने लगी। फिर उनका लंड मैंने अपने मुँह में लिया और चूसने लगी। क्या मजा आ रहा था! कुछ देर बाद उनका लंड इतना टाइट हो गया जैसे लोहे का। अब उन्होंने ऑयल लिया और अपने लंड पर लगा लिया, मेरी पुसी पर भी लगा दिया। मेरी टाँगों को थोड़ा फैलाकर अपना लंड मेरी पुसी पर रख दिया और एक झटका दिया। मेरी चीख निकल गई, अभी तो उनके लंड का ऊपर का हिस्सा ही अंदर हुआ था। वो मेरे होंठ चूसने लगे और कुछ देर रुक गए। जब मुझे थोड़ा आराम आया तो थोड़ा पीछे होकर उन्होंने जोर से झटका दिया। मैं तो मर गई! उनका पूरा लंड मेरी पुसी को चीरते हुए अंदर चला गया और मेरी चीख निकल गई। मैंने कहा, “भैया, इसे प्लीज बाहर निकालो, वरना मैं मर जाऊँगी।” तो उन्होंने कहा कि एक बार दर्द होगा, फिर नहीं होगा।


फिर उन्होंने एक झटका और दिया और मेरी पुसी से ब्लड आने लगा। मैं डर गई, लेकिन भैया एक्सपीरियंस्ड थे, उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा होता है। लेकिन मुझे बहुत दर्द हो रहा था और मैं रोने लगी थी। भैया ने लंड बाहर नहीं निकाला लेकिन थोड़ी देर रुक गए। आखिर इतना प्यार जो करते हैं मुझसे। फिर जब मैं शांत हुई तो वो धीरे-धीरे अपना लंड अंदर-बाहर करने लगे। कुछ देर दर्द हुआ लेकिन उसके बाद मुझे मजा आने लगा। मेरे मुँह से “आह्ह, ओह्ह, और तेज़…” की आवाजें निकलने लगीं और मैं भी उछल-उछलकर उनका साथ देने लगी। भैया जोर-जोर से मुझे पेलते रहे और मैं तो मानो सातवें आसमान पर थी। इतना आनंद आ रहा था कि पूछो मत। आज मेरी तमन्ना पूरी हो रही थी। भैया पूरे जोश में लंड अंदर-बाहर कर रहे थे और मैं तो बस आनंद के मारे “आह, उफ्फ, फक, और तेज़” बोल रही थी। 10-15 मिनट ऐसे ही चला और मैं दो बार झड़ चुकी थी लेकिन भैया एक बार भी नहीं। और आखिर वो झड़ गए और अपना पानी मेरे अंदर ही निकाल दिया। मैं उनका गर्म-गर्म पानी अच्छे से अंदर फील कर रही थी। झड़ने के बाद वो मेरे ऊपर ही गिर गए और मैंने उन्हें जोर से अपनी बाहों में कस लिया और चूमने लगी।


नेक्स्ट डे भैया ने ऑफिस से छुट्टी कर ली और हमने दिन में 5-6 बार सेक्स किया, रात को 2-3 बार। अब जब भी चांस मिलता है, हम सेक्स करते हैं और किसी को पता भी नहीं चलता। अगर बाहर कहीं करती तो वो ब्लैकमेल करता या बदनामी का डर रहता। अब मैं और भैया अच्छे से सेक्स करते हैं और अपनी प्यास बुझाते हैं।

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Thanks for reading: antarvasna sex stories, Sorry, my English is bad:)

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